Skip to main content

Mohammad Siraj:भारत का एक अंडररेटेड गेंदबाज जो हमेशा टीम को 100 प्रदर्शन देने के लिए तैयार रहता है

 Mohammad Siraj:13 मार्च 1994 को तेलंगाना के हैदराबाद में जन्म हुआ।कहा जाता है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। मोहम्मद सिराज के पापा मिर्जा मोहम्मद गौश जो एक ऑटो ड्राइवर थे।वो हैदराबादी मुस्लिम थे जो अपने परिवार की हर ज़रूरत पूरी करते थे।वैसे हालात में अपने बेटे को क्रिकेट खेलने की आजादी मिलना बहुत बड़ी बात मानी जाती है।हम अक्सर देखते हैं कि मिडिल क्लास के बच्चे अपने शोक छोड़ के काम करने को मजबूर होते हैं।लेकिन मोहम्मद सिराज के परिवार ने उनका साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया।

मोहम्मद सिराज ने 2017 में आईपीएल में डेब्यू किया हैदराबाद टीम से।उन्होंने 2017 में ही इंटरनेशनल क्रिकेट में भी डेब्यू कर लिया। 2017- नवंबर में मोहम्मद सिराज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेला।साल 2019 की शुरुआत मोहम्मद सिराज ने वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू कर लिया। लेकिन उनका टेस्ट में डेब्यू थोड़ा देर से हुआ।साल 2020 में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए और वहां उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ही मोहम्मद सिराज के पिता का इंतकाल हो जाता है पर वो कोरोना के कारण क्वारैंटाइन में थे इसलिए वो भारत नही आ पाये अपने पिता को आखिरी बार देखने।मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन किया और 3 मैचों में 18 विकेट लिए।

वो धीरे धीरे इंडियन टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की करने लगे।मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका दौरे में अच्छा प्रदर्शन किया था। और वो एक दिवसीय क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन देने लगे। साल 2023 में टॉप रैंकिंग मिली। 

मोहम्मद सिराज को अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं, जसप्रित बुमराह के सामने लेकिन वो अपना पूरा योगदान हमेशा बुमराह ले साथ देते हैं।और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में उनका प्रदर्शन ज्यादा हो गया।और अब भारतीय क्रिकेट टीम के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन दे चुके है। जो हमेशा अपना 100 परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार है। मोहम्मद सिराज के अब टेस्ट में 123 विकेट, वनडे में 71 विकेट और टी20 में 14 विकेट हैं।


#mohammadSiraj #test #2025 #NarendraModi

Comments

Post a Comment

Hello friends please support our website
saifshi75.blogspot.com

Popular posts from this blog

भारत: एक ऐतिहासिक अवलोकन

 सिंधु घाटी सभ्यता की उत्पत्ति दक्षिण एशिया में मनुष्यों का सबसे पुराना प्रमाण दो मिलियन वर्ष पुराना है।लगभग 30,000 वर्ष पूर्व पाषाण युग के शिकारी और संग्राहक इस क्षेत्र में निवास करते थे।8000 और 6500 ई.पू. के बीच, जंगली संसाधनों पर निर्भरता धीरे-धीरे घरेलू पौधों और पशुओं पर स्थानांतरित हो गयी। 5000 और 2000 ईसा पूर्व के बीच की अवधि के दौरान, अत्यधिक संगठित शहरी बस्तियाँ पूरे उत्तरी क्षेत्रों (वर्तमान पाकिस्तान और उत्तर भारत) में फैल गईं। व्यापार और संचार नेटवर्क ने इन बस्तियों को एक दूसरे से और अन्य दूरवर्ती प्राचीन संस्कृतियों से जोड़ा  सिंधु घाटी सभ्यता और इंडो-आर्यन संस्कृति का उदय  लगभग 2600 ईसा पूर्व में, क्षेत्रीय संस्कृतियों को सिंधु घाटी क्षेत्र में एक सांस्कृतिक रूप से एकीकृत नेटवर्क में एकजुट किया गया था  इस सभ्यता की बस्तियाँ 650000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई थीं।इस क्षेत्र के लोगों में कई सांस्कृतिक विशेषताएं समान थीं, जिनमें नियोजित शहरी विकास, अभी तक समझ में नहीं आई लिपि का प्रयोग, मानकीकृत वजन और शिल्प प्रौद्योगिकियां शामिल थीं  ईसा पूर्व ...

महँगाई : बढ़ती हुई महँगाई से बढ़ती आम आदमी के लिए मुश्किलें।

 आज का दौर परिवर्तन का दौर हैं आज हर कोई खुद को ऊंचे मुकाम पर देखना चाहता है आज हर कोई ज्यादा पैसे कमाने के लिए ज्यादा मेहनत करता है।आज हर तरफ भारत की प्रसन्नता हो रही है चाहे वह देश हो या विदेश हो हर जगह भारत अपनी नई उन्नति की गाथाएँ लिख रहा है।21वीं सदी में भारत की बढती हुई विदेशो में प्रशंसा हमे अपने देश में गौरव प्राप्त करती है।आज भारत दुनिया से कदम मिलाकर चल रहा है। लेकिन हम अपने ही समाज के मध्यम वर्ग और गरीबों के बारे में सोचते हैं।उनकी समस्याएं और उनकी बढ़ती हुई परेशानियाँ को लेकर हम चिंतित हैं।आज के दौर में मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए बढती महंगाई उनके लिए बहुत सारी समस्याएं उत्पन्न कर रही है।आज का समाज दो भाग में  चुका है जैसा कि हम जानते हैं अमीर और अमीर होता जा रहा है लेकिन जो गरीबी रेखा में जी रहे हैं उनके लिए बढ़ती महँगाई उनकी नई समस्याएँ उत्पन्न कर रही हैं आज की बढती महँगाई समस्या नहीं है लेकिन आम आदमी की आय नहीं बढ़ रही है जितनी महँगाई बढ़ रही है।आज हर तरफ महँगाई का दौर चल रहा है आप जहाँ भी देखेंगे आपको हर तरफ महँगाई से परेशान हुए नज़र आएँगे।चाहे वह स्कूल हो या अ...

43वें जन्मदिन पर केक काटने के बाद महेन्द्र सिंह धोनी: 'यह अंडे रहित है ना?'

 महेंद्र सिंह  धोनी ने भारत को अनेक जीत दिलाई हैं, जिनमें 2007 आईसीसी टी-20 विश्व कप, 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और 2013 आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी शामिल हैं। महेंद्र सिंह धोनी रविवार को जन्मदिन के मौके पर अपनी पत्नी और कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी में केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे।सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में केक काटने की रस्म के बाद का दिल को छू लेने वाला दृश्य कैद हुआ है क्लिप के अंत में उन्हें सभी से पूछते हुए सुना जा सकता है कि क्या केक अंडे रहित है। धोनी के प्रशंसक और अनुयायी इस स्पष्ट उदाहरण से चकित और भावुक हो गए, जो उनके आहार संबंधी प्राथमिकताओं के प्रति उनके ध्यान और विचार को दर्शाता है।  महेंद्र सिंह धोनी 43 साल के हो गए, क्रिकेट जगत में उनकी विरासत बेमिसाल बनी हुई है  'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर धोनी ने भारत को कई जीत दिलाई हैं, जिनमें 2007 आईसीसी टी-20 विश्व कप, 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। धोनी भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन वह अभी भी आईपीएल में खेल रहे हैं। प्रशंसक सोच रहे हैं क...