भागलपुर दंगा 1989: बिहार के इतिहास का कला अध्याय भागलपुर को आज सिल्क सिटी के नाम से जाना जाता है, लेकिन 1989 मे यही शहर देश के सबसे भयानक सांप्रदायिक दंगे का गवाह बना था. आज के इस आर्टिकल मे हम जानेंगे की भागलपुर मे 1989 मे क्या हुआ था. दंगा कब शुरू हुआ? 24 अक्टूबर 1989 को भागलपुर के तातारपुर चौक पर एक धार्मिक जुलूस निकल रहा था. उस समय अयोध्या मे राम मंदिर के लिए राम शिला पूजन यात्रा पूरे देश मे चल रही थी इस जुलूस पर बॉम्ब से हमला हुआ, जिसमें पुलिस के जवान घायल हो गए. इस घटना के बाद पूरे भागलपुर मे अफवाहें फेल गई और हिंसा शुरू हो गई. ये हिंसा सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि 250 से ज्यादा गांव मे फेल गई और लगभग 2 महीने तक चली. दंगे के मुख्य करण जांच आयोगों ने 2-3 बड़े करण बताए: 1. अफवाहों का बाजार गरम होना: उस समय ये अफवाह फेल गई की भागलपुर यूनिवर्सिटी के हिंदू छात्रों को मार दिया गया है. बाद मे ये खबर झूठी निकली. 2. प्रशासन की लापरवाही: जस्टिस राम चंद्र प्रसाद सिन्हा कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मे कहा की पुलिस और प्रशासन ने अफवाहों को रोकने की बजाय उन्हें फैलने दिया. 3. पहले से बना त...
बिहार का सबसे बड़ा त्योहार छठ पूजा महज एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। यदि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, तो छठ पूजा भी वैसी ही है।फिर छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का त्योहार है। इस वर्ष बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में रहने वाले बिहारी परिवार 2026 की छठ पूजा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। छठ पूजा 2026 तिथि और कैलेंडर इस वर्ष छठ पूजा चार दिनों तक मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार: दिनांक: 12 नवंबर 2026, गुरुवार खरना (लोहंडा): 13 नवंबर 2026, शुक्रवा संध्या अर्घ्य (शाम का अर्घ्य): 14 नवंबर 2026, शनिवार यह मुख्य दिन उषा अर्घ्य (सुबह का अर्घ्य): 15 नवंबर हैर यह कठिन व्रत चार दिनों तक बिना पानी पिए रखा जाता है, इसलिए इसे सबसे कठिन व्रत माना जाता है। छठ पूजा क्यों मनाई जाती है? छठ पूजा के पीछे दो मुख्य कथाएँ हैं: 1. महाभारत काल की कथा: ऐसा कहा जाता है कि द्रौपदी और पांडवों ने सूर्य देव की पूजा की और अपना खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त करने के लिए छठ व्रत रखा। इस उपवास की शक्ति से ह...